"वो जताता बहुत था… मगर सच्चाई कम थी, उसकी हर बात में चाहत थी… पर गहराई कम थी। हाथ थामा तो सही, मगर दिल से नहीं थामा, उसकी मोहब्बत में शोर बहुत था… पर सच्चाई कम थी। मैंने उसे अपनी दुआओं में भी रखा, वो मुझे अपनी आदत में भी रखना भूल गया। वो कहता था, “तू सिर्फ़ मेरा है…” मगर सच में मुझे अपना बनाना भूल गया। और सच तो ये है— वो मुझे खोना नहीं चाहता था, बस मुझे पाना कभी सीख ही नहीं पाया। "
HP
Wisdom